-अमीन कुरेशी-
मुंबई. टिकटों की मारामारी को लेकर कांग्रेस के लिए कहा जाता था, यहाँ टिकट मांगता कोई और है, मिलता किसी और को है, चुनाव लड़ता कोई और है और जीतता कोई और है. राहुल गाँधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद अब इस तरह की उलझन कम हुई है. समय से पहले टिकट बंटवारे की कवायद पूरी होने लगी है.
हालही में मुंबई की छह सीटों के दावेदारों के नामों पर चर्चा हुई. नाम लगभग तय हैं. इसमें उत्तर भारत से राज बब्बर और दक्षिण भारत से अज़हरुद्दीन मुंबई-३ पेंच फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. मुंबई नार्थ सेंट्रल की इस सीट से पिछले चुनाव में प्रिया दत्त बीजेपी की पूनम महाजन से हार गईं थी और तब से ही वे निष्क्रिय हैं. निष्क्रियता के कारण ही राहुल गाँधी ने पार्टी जनरल सेक्रेटरी पद से उनकी हकालपट्टी की है. उनके कुछ पिछलग्गू फिर भी टिकट देने की मांग कर रहे हैं. इस पर प्रिया का यह कहना है कि अगर राहुल गाँधी खुद उनसे अनुरोध करेंगे तो वे चुनाव लड़ने पर विचार करेंगी. लगता है राहुल गाँधी अब प्रिया को आराम करने देंगे. अगर प्रिया में सुर्खाब के पर लगे होते तो जनरल सेक्रेटरी पद से उनकी छुट्टी नहीं होती. पार्टी को अब सक्रिय और आक्रामक नेताओं की ज़रुरत है.
प्रिया के चुनाव लड़ने से इंकार के बाद अब इस सीट से नगमा ने अपना दावा पेश किया है. वह पिछले डेढ़ दशक से पार्टी में एक्टिव हैं. चुनावों की स्टार प्रचारक हैं. महिला कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी हैं.
महाराष्ट्र में मुंबई-३ का शुमार मुस्लिम बहुल सीटों में होता है. इस बार यहाँ से कांग्रेस की जीत पक्की है. इसीलिए राज बब्बर और अज़हरुद्दीन की लार इस सीट के लिए टपक रही है. पार्टी राज बब्बर को मुंबई-५ अर्थात नार्थ मुंबई से लड़ाना चाहती है. बीजेपी के राम नाईक यहाँ से चुनाव लड़ा करते थे. गोविंदा और फिर निरुपम से हारने के बाद राम नाईक ने यह सीट गोपाल शेट्टी के लिए खली करदी. गोपालजी यहाँ के वर्तमान सांसद हैं. निरुपम पिछला चुनाव हार गए थे.
मुंबई प्रदेश कांग्रेस प्रमुख संजय निरुपम अब सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहते और मुंबई की एक और सेफ सीट मुंबई-४ ( नार्थ -वेस्ट ) से दावा कर रहे हैं. गुरुदास कामत पिछले चुनाव में यहीं से लड़े थे.
कामत और मुरली देवड़ा के देहांत के बाद भी मुंबई कांग्रेस में गुटबंदी समाप्त नहीं हुई है. यही कारण है निरुपम के दावे को कृपा शंकर सिंह ने यह कर ख़ारिज कर दिया कि उन्हें मुंबई -५ से ही लड़ना चाहिए. वे जुझारू हैं और यह सीट निकाल सकते हैं. कृपा भैया खुद मुंबई -४ से लड़ना चाहते हैं.
राज्य में एक दर्जन मुस्लिम बहुल सीटों पर मुस्लिम समाज ने भी अपनी दावेदारी पेश की है. महाराष्ट्र में ऐ आर अंतुले की जगह ले चुके पूर्व मंत्री नसीम खान भी मुंबई-३ से लड़ना चाहते हैं. ऐसे में नगमा को अपनी पूर्व आवंटित सीट मुंबई-४ दी जानी चाहिए. २००९ में भी नगमा का नाम यहाँ से पहले नम्बर पर था. इस बार महिला कांग्रेस ने भी आलाकमान से ३३ प्रतिशत सीटें महिलाओं को देने की मांग की है. खास कर नगमा जैसी सक्रिय महिलाओं को टिकट देने के लिए एक लिस्ट राहुल गाँधी को भेजी जा रही है.
मुंबई-१ ( साउथ मुंबई ) में मिलिंद देवड़ा का लड़ना तय है . मुंबई-२ ( साउथ सेंट्रल) में पूर्व वाईस चांसलर भालचंद्र मुंगेकर और एकनाथ गायकवाड़ के बीच रस्साकशी में मुंगेकर जीत सकते हैं. मुंबई-६ ( ईशान्य मुंबई अर्थात नार्थ ईस्ट ) एनसीपी के खाते में हैं.

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