दु:खी पारिवारिक जीवन के रहस्य
आज मेरे यार की शादी है...।
बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है...। शादी में बैंड बजाने वाले अक्सर
इस तरह के गाने बजाते हैं और बाद में बेचारे एक पति
का जिंदगीभर
बैंड बजता रहता है। तो क्या पुरुष को शादी नहीं करनी चाहिये या एक पुरुष
शादी के बिना अधूरा है। यह बात अलग है कि शादी के बाद वह और भी
आधा अधूरा हो जाता है।
स्वर्ग से उतरी अप्सरा-
शादी
को लेकर कई तरह की सही और गलतफहमी है। एक तो यह कि शादियां स्वर्ग में तय
होती हैं। यह अलग बात है कि जमीन पर उसके झटके लगते हैं।
दिल चाहता है-
आंखों
आंखों में प्यार की शुरुवात के बाद हद से गुजर जाने की चाहत में शादी से
पहले प्रेमी पूरी रात इंतजार करता है कि प्रेमिका कुछ कहे। शादी के बाद
पत्नी के कुछ
कहने से पहले ही पति 'लुढ़क' जाता है।
पलंगतोड़ खर्राटे-
कई
बार यह झटके रातभर पलंग पर भी लगते हैं जब पलंगवाली रातभर खरार्टे लेती
है। इससे एक फायदा जरूर होता है। यदि आप चाहते हैं कि आपकी बीवी
आपकी बात ध्यान से सुने तो उससे रात में उस समय बात कीजिए जब वह खरार्टे ले रही हो।
कोयल सी तेरी बोली-
प्यार-मोहब्बत
के दिनों में जिसकी आवाज कोयल की आवाज की तरह मधुर लगती थी वही शादी के
बाद चील की तरह चीखती है। शादी के बाद प्रेमी भी तो तौते
की तरह
आंख फेर लेता है और कौवे की कांव कांव करने लगता है। ऐसे में पहले साल में
पति बोलता है और पत्नी सुनती है। दूसरे साल में पत्नी बोलती है और
पति सुनता है। तीसरे साल में दोनों एक दूसरे की नहीं सुनते हैं। चौथे साल से दोनों बोलते हैं और पड़ोसी सुनते हैं।
बहुमुखी बहू-
जब
तक शादी नहीं होती है तब तक प्रेमिका चंद्रमुखी होती है। शादी होते ही वह
सूरजमुखी हो जाती है और कुछ दिनों बाद ही ज्वालामुखी हो जाती है।
मैन इस मैन-
जब
तक शादी नहीं होती तब तक प्रेमी सुपरमैन होता है। शादी होते ही वह
जेंटिलमैन हो जाता है। शादी के कुछ सालों बाद वह बेचारा वाचमैन बन कर रह
जाता है।
सुस्वागतम्-
पारिवारिक जीवन
में कई अलिखित नियम होते हैं। जैसे पति शाम को दफ्तर से लौटता है तो दरवाजा
पत्नी खोलती है। लेकिन कार के मामले में उलटा होता है।
यदि
पति अपनी पत्नी के लिए कार का दरवाजा खोले तो दो बातें हो सकती हैं। या तो
कार नई है या पत्नी। दोनों पुरानी होने पर यह झंझट नहीं होती है।
अटूट बंधन-
शादी
से पहले प्रेमी-प्रेमिका युगल होते हैं। शादी के बाद कपल हो जाते हैं।
इनमें से कई तो जिंदगीभर आसतीन की कफलिंग की तरह जुड़े रहते हैं और कई का
कपलिंग टूट जाता है और इंजिन से डिब्बा अलग हो जाता है।
घरवाली बाहरवाली-
निश्चित ही शादी सुखद होती है लेकिन मिजाज का रंगीलापन जीवन के रंग को भंग कर देता है।
पर्सनल लॉ-
प्रत्येक
पति चाहता है कि उसकी बीवी सुंदर, समझदार, कम खचीर्ली और अच्छा खाना पकाने
वाली हो लेकिन दिक्कत यह है कि कानून सिर्फ एक ही शादी की
अनुमति देता है।
रासायनिक हथियार-
कहते हैं प्यार में केमिस्ट्री काम करती है इसीलिए शादी के बाद पत्नी बात बात पर पति को रासायनिक हथियार(जहर) से धमकाती है।
शादी के लड्डू -
फिर भी शादी वह लड्डू है जो खाए पछताए और जो न खाए वह भी पछताए। इसलिए खा कर पछताना ही बेहतर है।
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